: माँ मुझको भी तुम जादू की छड़ी ला दो न… - अनिता शर्मा
Wed, May 3, 2023
पानी सा निर्मल प्यार तेरा
गूँथ आटा उससे बेल बेल बढ़ाती हो
थपकियों दे दे कर आँचल सा फैलाती हो
नरम गरम सी समझाईश तेरी
सेक सेक कर घी सा स्नेह लगाती हो
धीमी-धीमी आँच पर हिम्मत को पकाती हो
अपने अहम को जलाकर स्वाभिमान बढ़ाती हो
बातों बातों में अपना हूनर मुझको भी सिखाती हो
दाल में माखन सा प्यार पिघलाकर रोज तुम खिलाती हो
कैसे कर लेती हो ये सब
इतना दिल बड़ा कहाँ से लाती हो
सबके नखरे सहकर भी हमेशा ही मुस्काती हो
अपने हिस्से की खुशियाँ माँ मुझपर ही लुटाती हो
सिकुड़ता जब मेरा मनोबल
तुम ममता सी चादर ओढ़ाती हो
पास रहूँ या दूर तुझसे
तुम सारा हाल समझ जाती हो
माँ तुम ये प्यार की गागर भर के कहाँ से लाती हो
भर भर कर इतना प्यार कैसे सब पे लुटाती हो
माँ मुझको भी तुम जादू की छड़ी ला दो न……
मैं भी तो ये जान सकूँ माँ कैसे तुम ये सब कर पाती हो…..
अनिता दीपक शर्मा - इंदौर
: मेरी प्यारी मां - अभिधा विरमाल
Wed, May 3, 2023
सीधी - साधी भोली - भाली,
मां तू कितनी अच्छी है,
चाहे कोई कुछ भी कह ले -
जग में एक तू ही सच्ची है ।
घुटनों से रेंगते- रेंगते,
न जाने कब खड़ी हुई माँ,
तेरी ममता की छांव में -
न जाने कब बड़ी हुई माँ।
रात भर जागते रहना,
तबीयत बिगड़ जाने पर,
हर पल मेरा ख्याल रखना
सोना न एक भी पहर।
खाना पहले हमें खिलाती,
बाद में तुम खाती हो मां,
हमारी खुशी में तुम खुश हो-
अपना दर्द भूल जाती मां।
संस्कार हमें तुम बतलाती,
अच्छे बुरे का भेद समझाती,
हमारी गलतियों को सुधारती-
सही ग़लत का फर्क बताती ।
तुझमें ही भगवान है बसता ,
हमको तुझसे जीवन मिलता,
तेरे कदमों में स्वर्ग हे रहता -
तुझसे ही ये संसार हे चलता।
आज भी मुझको दर्द होता तो
दर्द तुझको भी होता है ,
मां बेटी का रिश्ता दुनिया में -
कितना सुंदर होता है।
दिल करता है सब छोड़कर
सीने से तेरे लग जाऊं मैं
सारी दुनिया को भूलकर
आंचल में तेरे छुप जाऊं मैं।
कितने खुशनसीब है हम ,
मां तुम हमारे पास हो ,
इस संसार का सबसे अच्छा -
कितना सुंदर एहसास हो ।
ईश्वर ने तुझमें अपना ,
सुंदर रूप रचाया है ,
इस संसार में सबसे प्यारा -
मां, उसने तुझे बनाया है।
अभिधा विरमाल - इन्दौर
: इंदौर की सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल' की कृति को मिला मां सरस्वती ज्ञानपीठ पुरस्कार
Fri, Apr 28, 2023
इंदौर संवाददाता। विश्व पुस्तक दिवस के उपलक्ष पर मनोहर ग्रुप ऑफ कंपनीज एंड इंस्टीट्यूशंस, लखनऊ, उत्तर प्रदेश के द्वारा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान, साकेत, मेरठ में राष्ट्रीय स्तर के माँ सरस्वती ज्ञानपीठ पुरस्कार, 2022 का सम्मान समारोह, पुस्तक विमोचन व अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन संस्थापक एवं आयोजक श्री मनोरंजन कुमार श्रीवास्तव जी, राज्य उपाध्यक्ष आ. साजिद अली सतरंगी तथा जिलाध्यक्ष आ. सीमा गर्ग मंजरी जी द्वारा भव्य कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया।इसी अवसर पर इंदौर की लेखिका की कृति 'पर्वोत्कर्ष' को 2022 की श्रेष्ठ कृति के रूप में चयनित कर 'माँ सरस्वती ज्ञानपीठ पुरस्कार, 2022' देकर सम्मानित किया गया।
लेखिका सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल' की यह प्रथम कृति है जो मध्यप्रदेश साहित्य अकादमी से चयनित व वर्ल्डस् ग्रेटेस्ट रिकाॅर्ड में तो दर्ज है ही और अब मेरठ उ.प्र. से राष्ट्रीय पुरस्कार भी प्राप्त कर चुकी है। इस राष्ट्रीय पुरस्कार की चयन प्रक्रिया पूरे देश से लगभग 445 पुस्तक प्रविष्टियों के साथ प्रारंभ की गई थी और जो तीन माह लगातार पारदर्शी रूप से चली तत्पश्चात परिणाम घोषित किए गए, इस तरह लम्बी प्रक्रिया के बाद इंदौर म.प्र. की लेखिका सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल' को "माँ सरस्वती ज्ञानपीठ पुरस्कार, 2022" मिलना इंदौर म.प्र. के लिए गौरव की बात है। सपना को पुरस्कार स्वरूप प्रतीक चिन्ह, प्रशस्तिपत्र और नगद राशि संग गिफ्ट कूपन्स प्राप्त हुए है।
इस कार्यक्रम के साक्षी देशभर के कई ख्याति प्राप्त साहित्यकार व पत्रकार रहे। जिनमें वरिष्ठ पत्रकार लियाकत मंसूर, पायल लक्ष्मी सोनी, आशुतोष सुधाकर, ऊषा रानी भिड़वारिया जी, माला सिंह, आ. सरबजीत सिंह, डॉ. किरण सिंह, रामकरण साहू, आ. दिनकर स्वरूप, आ. देव कुमार, डॉ. शुभम त्यागी, स्वामी चरण सिंह, रामगोपाल भारतीय, डॉ. राजीव गुप्ता, अशोक गोयल, प्रभात रॉय, कुमार आदेश शिखर, मंगल सिंह, रेखा गिरीश, नीलम मिश्रा, सुषमा सवेरा, कवि कपिल आदि देश भर के नामचीन कविगण शामिल रहे। सपना सी.पी. साहू 'स्वप्निल' की इस उपलब्धि पर उनके पति श्री चंद्रप्रकाश साहू, भाई सचिन सिंह राणा सहित अनेक सम्मानीय साहित्यकारों ने शुभकामनाएं प्रेषित की है।