: डॉक्टरों ने गाए गीत, थामा माइक, गिटार और सेक्सोफोन से लेकर कांगो-बोंगो तक
Mon, Jul 7, 2025
इन्दौर: आनंद मोहन माथुर सभागृह में रविवार शाम को एक अनोखा नजारा देखने को मिला, सर्जरी, स्कैन और स्टेथोस्कोप से रोजाना लोगों की जिंदगी संवारने वाले डॉक्टरों ने जब माइक, सेक्सोफोन और गिटार संभाला तो मंच पर सिर्फ संगीत नहीं गूंजा बल्कि श्रोताओं को नया अनुभव मिला, ‘द हीलिंग स्टॉर्म’ नाम से डॉक्टरों के इस बैंड ने शहर में पहली बार लाइव कॉन्सर्ट किया, जिसमें बॉलीवुड से लेकर सूफी तक हर रंग के गाने पेश किए गए, सर्जरी, स्कैन और इलाज के बाद डॉक्टरों ने माइक और वाद्य यंत्र संभालते हुए मंच पर सूफी से बॉलीवुड तक के गानों से समां बांध दिया, तीन महीने की रिहर्सल के बाद डॉक्टरों की प्रस्तुति ने दर्शकों को संगीत के जरिए 'हीलिंग' का अनोखा अनुभव दिया।
डॉक्टर्स ने बजाए हर वाद्य, सेक्सोफोन से लेकर कांगो-बोंगो तक
बैंड की खास बात यह रही कि मंच पर सिर्फ डॉक्टर ही नहीं गा रहे थे, बल्कि हर वाद्य यंत्र भी वे खुद ही बजा रहे थे, रुमेटोलॉजिस्ट डॉ. अक्षत पांडे सिंगिंग के साथ सेक्सोफोन और हैंडपैन बजाते नजर आए, लीड वोकलिस्ट रेडियोलॉजिस्ट डॉ. शेलेक्षी वर्मा की आवाज ने समां बांधा, प्लास्टिक सर्जन डॉ. अश्विनी डैश ने गिटार पर कमाल किया, जबकि न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सुशांत आहिलदासानी ने रिदम गिटार से ताल दी, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अमित वर्मा कांगो-बोंगो जैसे परकशन इंस्ट्रूमेंट्स पर धमाकेदार परफॉर्मेंस दी, बेस गिटारिस्ट हिमांशु वर्मा थे जिनके साथ ऋषभ जैन और आनंद बेनल ने खूबसूरत प्रस्तुति दी।
तीन महीने से कर रहे थे रात 9 से 12 बजे तक प्रैक्टिस
डॉ. अक्षत बताते हैं कि हमारा सपना था कि एक ऐसा बैंड हो जिसमें डॉक्टर हर वाद्य खुद बजाएं, पिछले छह महीने से हम इसकी तैयारी में थे और तीन महीने से हर दूसरे दिन रात 9 से 12 बजे तक प्रैक्टिस करते रहे, दिन भर की सर्जरी, मरीज और फैमिली के बीच समय निकालकर हमने इस पैशन को जिया, बैंड का नाम ‘द हीलिंग स्टॉर्म’ रखने के पीछे भी एक सोच है, जैसे तूफान धीरे-धीरे आता है और फिर सबको अपनी लहर में बहा लेता है, वैसे ही यह संगीत लोगों को धीरे-धीरे हील करता है, यह सिर्फ एंटरटेनमेंट नहीं, एक थेरेपी है। इस आयोजन में आर्थराइटिस एंड बोन केयर सोसाइटी, इंदोरी आर्टिस्ट, मेडकेयर पैथोलॉजी और प्रवाह रियल्टी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, सभागृह में बड़ी संख्या में शहरवासी, डॉक्टर्स और म्यूजिक प्रेमी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों से कलाकार डॉक्टरों का उत्साह बढ़ाया।
: संगीत के क्षेत्र मे गिनीज़ और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के लिए KKC क्लब ने लिया संकल्प
Tue, May 13, 2025
इंदौर : विश्व विख्यात KKC म्यूजिक क्लब और सांस्कृतिक मीडिया संगीत सेवा सहारा ने पिछले 8 सालो मे 'अल्टीमेटस्टार बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड'
Ultimatestar Book Of World Book Record
, 'गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड'
Golden Book Of World Record
और 'लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड'
London Book Of World Records
की बुक मे गायन के क्षेत्र मे 32 घंटे से लेकर 38 घंटे तक प्रतिवर्ष एवं अधिकतम 128 घंटो तक गीतों का महाकुंभ आयोजन कर अपना नाम वर्ल्ड रिकॉर्ड की उक्त किताबों मे अपना नाम दर्ज करवाया जिसके चलते KKC क्लब एवं संगीत सेवा सहारा का नाम विश्व रिकॉर्ड मे दर्ज हुआ, संस्थान का अगला लक्ष्य गायन के क्षेत्र मे गिनीज़ बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे दर्ज करवाने के लिए 11 मई 2025 को सांवलिया सेठ दरबार राजस्थान मे 35 साथियों के साथ मिलकर संकल्प लिया।
https://youtu.be/bvsPwFpkx6I
KKC क्लब संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष दीपक पाठक ने बताया कि नए एवं स्थापित गायक कलाकारों को मंच प्रदान करने के लिए नित नए तरीकों से प्रयास करता है जिसके चलते विगत 10 वर्षों मे संस्थान ने अभी तक 2000 से भी अधिक गायक कलाकारों को अपना मंच प्रदान करने का एक बहुत बड़ा कदम आगे बढ़ाकर समाज के लिए एक नया अध्याय लिखा है, दिसंबर 2024 मे 530 कलाकारों के साथ 128 घंटे तक निरंतर रात और दिन गाकर लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे संस्थान का नाम दर्ज करवाया जिसका सर्टिफिकेट लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड ने 14 जनवरी 2025 को जारी किया।
संस्थान ने अगला लक्ष्य गिनीज़ बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड को रखा है जिसके लिए सांवलिया सेठ दरबार राजस्थान मे 35 सदस्यों के साथ जाकर एक संकल्प लिया जिसमे नए एवं स्थापित कलाकारों को आगे बढ़ाने के लिए एक बड़ा आयोजन का उक्त रिकॉर्ड को बनाने का संकल्प लिया, देश की अन्य सांस्कृतिक संस्थाओं के साथ मिलकर गिनीज़ बुक और लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड मे नाम दर्ज करवाने के लिए प्रयास करेंगे। यदि आप भी इस संकल्प मे हमारे साथ शामिल होना चाहते है तो आपका स्वागत है आप मोबाईल नंबर 9926561316 पर संपर्क कर इस संकल्प मे शामिल होकर अपने नाम भी हमारी संस्थान से सहयोगी का सर्टिफिकेट्स प्राप्त कर सकते है।
संस्थापक - दीपक पाठक