: श्रीमद् भागवत देवी महापुराण कथा एवं विशाल देवी जागरण का समापन
Fri, Jun 2, 2023
इटारसी : ऑर्डिनेंस फैक्ट्री इटारसी में बिछेले परिवार द्वारा श्रीमद् भागवत देवी महापुराण कथा का आयोजन 20 मई से 28 मई 2023 तक आयोजित किया गया, जिसके समापन पर 29 मई सोमवार को विशाल देवी जागरण एवं भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जिसमें ऑर्डिनेंस फैक्ट्री एवं आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए जिन्होंने देवी मां के मंदिर में दर्शन कर देवी जागरण का आनंद लिया एवं भंडारा प्रसादी ग्रहण की।
कार्यक्रम में राजधानी भोपाल के सुप्रसिद्ध कलाकार इंस्ट्रूमेंट प्लेयर कनक जी एवं स्थानीय कलाकारों ने देवी भजनों पर संगत दी जिसमें ऑक्टोपैड पर किशन कुशवाह, ढोलक पर विजय, तबले पर सीताराम ढोल पर बंटी, आर्गन पर अरनेस्ट देव, अशोक कुशवाह, गायिकाओं में प्रिया मालवीय, नेहा ठाकुर, गायक कलाकारों में सुदेश लुटारे आदि शामिल हुए जागरण रात्रि 1:00 बजे तक चला. इस दौरान जीवन मामा द्वारा आकर्षक देवी झांकियों का प्रस्तुतीकरण किया गया।
मनीष जायसवाल - इटारसी
: निनाद सिंगर्स ग्रुप द्वारा कुमार सानू नाईट आयोजन सम्पन्न
Mon, May 8, 2023
इटारसी : शहर के संगीत प्रेमी गायकों के ग्रुप निनाद सिंगर ग्रुप द्वारा कुमार सानू नाइट का आयोजन 7 मई को किया गया, जिसमें ग्रुप सदस्यों द्वारा कुमार सानू के एक से बढ़कर एक शानदार गीतों की प्रस्तुति दी गई. आशा निकेतन बिल्डिंग के द्वितीय तल पर शाम 8.00 बजे से शुरू हुआ एवं रात्रि 11:00 बजे समापन हुआ।
प्रस्तुतियों के क्रम में अमिताभ बैस द्वारा सोचेंगे तुम्हें प्यार, कितना हसीन चेहरा, आलोक गिरोटिया द्वारा तू मेरी जिंदगी है, अब तेरे बिन, अतुल शुक्ला द्वारा दिल है कि मानता नहीं, ए काश के हम, संजय दीवान द्वारा दो दिल मिल रहे हैं, दिल का आलम, शशांक जैन द्वारा सांसो की जरूरत है, ए काश के हम, प्रदीप बैस द्वारा मेरा चांद मुझे आया है नजर, तुम्हें अपना बनाने की, दीपक सोनी द्वारा यह काली काली आंखें, इस प्यार से मेरी तरफ, अभिमन्यु बैस द्वारा चुराके दिल मेरा, तू प्यार है किसी और का, अजय राज द्वारा चेहरा क्या देखते हो, कुछ ना कहो, मनोज जाट द्वारा सनम मेरे हमराज, दिल जिगर नजर क्या है, विशाल पांडे द्वारा एक लड़की को देखा, चांद सितारे फूल, सुखमीत सोखी द्वारा दो दिल मिल रहे हैं, गीतों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम का संचालन शशांक जैन द्वारा किया गया।
मनीष जायसवाल - नगर प्रतिनिधि
: आरंभ चैरिटेबल फाउंडेशन की विविधरंगी काव्य गोष्ठी संपन्न
Sat, May 6, 2023
भोपाल : आरंभ चैरिटेबल फाउंडेशन साहित्यिक संस्था की गत दिवस "विविध रंगी आरंभ काव्य गोष्ठी" 9 मसाला रेस्टोरेंट, भोपाल हाट में गरिमामय माहौल में संपन्न हुई, जिसमें रचनाकारों ने अपनी विभिन्न विषयों पर प्रेरक रचनाओं से खूब वाहवाही बटोरी।
हृदय को संवेदना की कसौटी पर कसेंगी
कुछ रहे न रहे कविताएंँ रहेंगी।
भागते हुए वक़्त की चरितावली
संघर्ष की व्यथा - कथा
विकास की विरुदावली
कभी शांँति की संहिता रचेंगी
कुछ रहे न रहे कविताएंँ रहेंगी।
इसी तरह की रचनाओं, कविताओं की खुशबू से महकता रहा परिवेश।
कवयित्री निरूपमा खरे ने पढ़ा -
ये नाखुश औरतें,
चीखती- चिल्लाती, रार करती
खुद से भी बेजार औरतें।
साहित्यकार उषा सोनी ने पढ़ा -
घर- घर में उत्सव की छाई उमंग है,
द्वार - द्वार ऑंगन में बज रहे मृदंग हैं।
वरिष्ठ कवयित्री शेफालिका श्रीवास्तव ने अपनी रचना से श्रोताओं का मन मोह लिया -
मुट्ठी में वर्तमान है, मन में अतीत है,
अधरों पर कांँपता जीवन संगीत है।
इसी क्रम में शोभा ठाकुर ने भी अपनी प्रेरक रचना से दर्शकों की खूब वाहवाही बटोरी -
बेटा हो या बेटी हो तुम,
सुदृढ़ स्तंभ हो जीवन आधार के !
कर्म के रथ पर सजे,
उन्नति के शीर्ष तक पहुंचे हो तुम।
कार्यक्रम का संचालन कर रही बिन्दु त्रिपाठी ने पढ़ा -
मै सफलता के शिखर पर खड़ी मुस्कुराऊंँगी,
और तुम हाथ मलते रह जाओगे।
मै छू लूंँगी आसमा की बुलंदी, तुम देखते रह जाओगे ।
कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि मनी सक्सेना ने कहा -
समय बदलता है,
दे जाता है गौरव गाथा ,
कुछ सीख ,
यही है मानव की दरकार ।
विशिष्ट अतिथि डाॅ रेखा भटनागर ने कहा -
रंग और रेखाएँ रह जाएंँगी,
स्मृतियाँ शेष रह जाएंँगी ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही आरंभ फाउंडेशन की अध्यक्ष अनुपमा अनुश्री ने अपने प्रेरक उद्बोधन में साहित्य में आई विसंगतियों की ओर इंगित किया - मंचों पर पढ़ी जा रही अश्लील कविताओं पर कटाक्ष करते हुए लेखन के कमजोर स्तर पर चिंता जाहिर की और कहा कि साहित्य का स्तर उन्नत होना चाहिए।झूठी लोकप्रियता के फेर में साहित्य का स्तर गिरना नहीं चाहिए। उत्कृष्ट, प्रांजल भाषा, संवेदनाओं व काव्य तत्वों के बिना कविता अधूरी है। प्रकाशित तो हो सकती है, जोर- शोर से पढ़ी जा सकती है लेकिन ह्रदय को प्रकाशित नहीं कर सकती।
कार्यक्रम का सफल संचालन बिन्दु त्रिपाठी ने किया । इस अवसर पर साहित्यप्रेमियों ने कविताओं का रसास्वादन किया ।