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: मां जन्नत का हूर है बेशकीमती नूर है - कशिश

मां जन्नत का हूर है बेशकीमती नूर है - कशिश

जन्म देती है जो
वो है मां
प्यार करती है जो
वो है मां
गलती पर डांटती है जो
वो है मां।

मां जब तक है हमारे साथ
तब तक है जिंदगी की हर सांस

जिस दिन मां चली गई
उस दिन दुनिया वीरान हो गयी।

वो तो वही जानता है
जिसके पास मां नहीं है
और जिसके पास है मां
उसे उसकी कदर नहीं है

मां जन्नत का हूर है बेशकीमती नूर है आ जाती आने से जिसकी रौनक वो प्यारी हमारी मां है।

कशिश - पौड़ी गढ़वाल, उत्तराखंड।

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